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मंगलवार, 18 अगस्त 2020

कोविड

                        कोविड 2019
'Co' से कोविड 'Vi' से वायरस 
कोविड नाम WHO ने 11 feb,2020 को दिया। इस बीमारी की शुरुआत 31 dec 2019 को चीन के एक शहर वुहान (Wuhan) से हुई और पूरे विश्व में फैल गयी। coronavirus ऐसे विषाणु हैं जिनका संबंध ऐसे विषाणुओं के परिवार से है जो व्यक्ति के फेफड़ो पर सीधा प्रभाव डालते हैं और सांस की नली से होकर सीधा व्यक्ति के शरीर में घुस जाते हैं।यह  विष्णु (SARS Severe acute respiratory syndrome). यह एक अजीब और नई निमोनिया के प्रकार की बीमारी है जिसका संक्रमण एक व्यक्ति से अनेक में फैलता है। अब तक इसकी कोई दवा तैयार नहीं हुई है। नामी गिरामी दवा कम्पनियाँ इसकी खोज में दिन रात कार्यरत है।
                        अगर हम अपने देश भारत की बात करें तो यहाँ सबसे पहला कोरोना का मामला दक्षिण भारतीय राज्य केरल में सामने आया। एक मेडिकल की छात्रा जो 20 वर्ष की थी वह कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से पहले wuhan, china से 25 जनवरी 2020 को लौटी थी।
         इस संक्रमित बीमारी को लेकर बहुत सारी आशंकाएं भी पनप रही थी कुछ को यह लग रहा था हमें कुछ नही होगा,संक्रमण नही फैलेगा और लापरवाही बरती जा रही थी फलस्वरूप हालात बिगड़ते गए एवम वायरस तेजी पकड़ता गया। देश में लॉक डाउन किये गए जिसके अंतगर्त किसी को भी घर से बाहर जाने की अनुमति नही थी। कोरोना कहीं भयानक रूप न ले ले इस पर नियंत्रण पाने के लिये सरकार ने बहुत से निर्णय लिए जैसे सबको स्वच्छ रहने मास्क पहनने, PPE किट का प्रयोग,बार-बार हाथ धोने को कहा।सबसे असाधारण निर्णय lockdown था।
                इस महामारी के खिलाफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 24,मार्च 2020 को घोषणा की देशभर में 25 मार्च,2020 से 14 अप्रैल 2020(21 दी) तक lockdown रहेगा। स्थिति न सुधरने पर इसको तीन बार ओर बढ़ाया गया।
15 अप्रैल,2020 से 3,मई,2020 (19 दिन)
4मई,2020 से 17,मई 2020 (14 दिन)
18 मई,2020 से 31 मई,2020 (14 दिन)
  
इस लेख की और जानकारी अगले लेख में होगी पढ़ते रहे blog
(Dahleez bhawnaon ki.blogspot.com)
Rajni Sharma (lekh).

रविवार, 26 जुलाई 2020

अनकही

एहसास से एहसास मिलाते चल
ज़िंदगीनुमा अर्थ बनाते चल।
उबरते गिरते विचार पहचान तू
राह से राह 
सुखी भीगी पगडंडियों
पर मुझ अनकही अन सुनी
से जोड़ते चल।

गुरुवार, 23 जुलाई 2020

ऑनलाइन क्लासेज

वक़्त दिया शिक्षक ने 
बैठ जाना समय से।
शुरू हो जाओ दिमाग लगाना
यह है विषय हिंदी 
आज है व्याकरण सिखाना
ध्यान अपना न कहीं बंटाना।
अध्यापक रहा बोलता 
पर्यासपूर्ण बतलाता 
विद्यार्थी रहा सर हिलाता ।

आलेख

आलेख- बचपन क्यों नहीं बचपन जैसा

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